*सारी उम्र.. यूँ ही गुजर गई*
*"रिश्तों" की तुरपाई में..!*
*कुछ "रिश्ते" पक्के निकले...*
*बाक़ी उधड़ गए.. कच्ची "सिलाई" में..!*
*बड़ा मुश्किल काम दे दिया*
*"किस्मत" ने मुझको...*
*कहती है....*
*तुम तो सबके हो ही जाते हाे*
*अब "ढूंढो" उनको जो*
*तुम्हारे हैं* !!
🙏सुप्रभात🙏
*"रिश्तों" की तुरपाई में..!*
*कुछ "रिश्ते" पक्के निकले...*
*बाक़ी उधड़ गए.. कच्ची "सिलाई" में..!*
*बड़ा मुश्किल काम दे दिया*
*"किस्मत" ने मुझको...*
*कहती है....*
*तुम तो सबके हो ही जाते हाे*
*अब "ढूंढो" उनको जो*
*तुम्हारे हैं* !!
🙏सुप्रभात🙏
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