Saturday, December 29, 2018

*हवाएँ  हो गई  है सर्द*..
*आओ  धूप में कुछ पल*
*बिता लें*

*कहें कुछ अपने मन की*
*रिश्तों  पर जमी बर्फ*
*पिघला लें ।।*

*चटक से  तोड़ें मूंगफली*
*फैलायें छिलके छत  पर*
*कुछ दाने खा लें ।।*

*अवसाद भरे*
*जीवन की दौड़ धूप में*
*थक से गये हो*
*कुछ देर सुस्ता  लें।।*

*बातों  के तिल का*
*ताड़ नही*
*तिल में थोड़ा*
*गुड़ मिला लें*

*खाएं गजक*
*वाणी में थोड़ी*
*मिठास बना लें ।।*

*व्यवहार की चादर में*
*अहम की सीलन है*
*दबी रजाई  में*
*ईर्ष्या की दुर्गन्ध है*
*इन्हें खोलें..ज़रा*
*धूप लगा लें ।।*

*...... हवाएँ  हो गई  है सर्द*
*आओ  धूप में कुछ पल*
*बिता लें।।*
*🙏🌹आज शुक्रवार का दिन आपका शुभ हो l🙏🌹*
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