दूर ही रहना तुम , मेरे मन से
बहुत गहरा है ये, डूब जाओगे
अंदर आने के ,दरवाज़े खुले हैं
आ गए तो,फिर जा न पाओगे
जो आज तक कह न पाए हम
वो सब राज़ तुम जान जाओगे
कुछ तरानें , गूंजते हैं मेरे अंदर
तुम भी साथ मेरे , गुनगुनाओगे
कुछ ज़ख्म , छुपा के रखे हमने
आंखे बंद रखना,देख न पाओगे..